ऋषि

वाल्मीकि

कवि, अपने ही काव्य के भीतर

निर्वासित सीता को आश्रय देते हैं, उनके पुत्रों को रामायण पर पालते हैं, और उन्हें वही राम को सुनाने भेजते हैं।

प्रथम उल्लेख
उत्तरकाण्ड 49

परिवार

वाल्मीकि रामायण इस पात्र की वंशावली नहीं देती, इसलिए यहाँ कोई नहीं दी गई है।

इसी पक्ष में ऋषि

यह पात्र-सूची तथा वंशावलियों से बनी एक संक्षिप्त प्रविष्टि है। जब तक इस पर पूरा लेख न हो, इसे जानबूझकर खोज-परिणामों से बाहर रखा गया है।