ऋषि
जटायु
दशरथ के पुराने मित्र
अकेले रावण के रथ पर आक्रमण करते हैं और काट गिराए जाते हैं, पर इतना जीवित रहते हैं कि बता सकें कि कौन ले गया और किस दिशा में।
- प्रथम उल्लेख
- अरण्यकाण्ड 50
परिवार
वाल्मीकि रामायण इस पात्र की वंशावली नहीं देती, इसलिए यहाँ कोई नहीं दी गई है।
इसी पक्ष में ऋषि
यह पात्र-सूची तथा वंशावलियों से बनी एक संक्षिप्त प्रविष्टि है। जब तक इस पर पूरा लेख न हो, इसे जानबूझकर खोज-परिणामों से बाहर रखा गया है।