वानर
जाम्बवान्
ऋक्षराज
दल समुद्र तक पहुँचकर रुक जाता है। जाम्बवान् को ही हनुमान की स्मृति लौटानी पड़ती है कि वे क्या हैं।
- प्रथम उल्लेख
- किष्किन्धाकाण्ड 67
ऋक्षराज
दल समुद्र तक पहुँचकर रुक जाता है। जाम्बवान् को ही हनुमान की स्मृति लौटानी पड़ती है कि वे क्या हैं।