लंका

मारीच

स्वर्णमृग

बालक राम ने उन्हें समुद्र पार फेंका था, इसीलिए वे जीवित हैं। अपनी ही समझ के विरुद्ध मृग-छल में लगाए जाते हैं।

प्रथम उल्लेख
अरण्यकाण्ड 42

परिवार

वाल्मीकि रामायण इस पात्र की वंशावली नहीं देती, इसलिए यहाँ कोई नहीं दी गई है।

इसी पक्ष में लंका

यह पात्र-सूची तथा वंशावलियों से बनी एक संक्षिप्त प्रविष्टि है। जब तक इस पर पूरा लेख न हो, इसे जानबूझकर खोज-परिणामों से बाहर रखा गया है।